हमारी इच्छायें,
कुमुदिनी के फूल ही तो है
जो जोड़ो में खिलते तो है
लेकिन सिर्फ कुछ दिन के लिए।
हमारी इच्छायें,
गणित की संख्यायें है
कभी असंख्य कभी दो
कभी एक और अगले पल में
सिर्फ शून्य है।


हमारी इच्छायें,
कुमुदिनी के फूल ही तो है
जो जोड़ो में खिलते तो है
लेकिन सिर्फ कुछ दिन के लिए।
हमारी इच्छायें,
गणित की संख्यायें है
कभी असंख्य कभी दो
कभी एक और अगले पल में
सिर्फ शून्य है।