हजारों के चहेते होने के बावजूद's image
Poetry1 min read

हजारों के चहेते होने के बावजूद

Pragya ShuklaPragya Shukla November 12, 2022
Share0 Bookmarks 39793 Reads1 Likes

हजारों के चहेते होने के बावजूद

मन उस ईकाई के तलाश में रहता है

जिसकी हजार ख्वाहिशें सिर्फ आप तक हो..<

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts