परिवार का अस्तित्व :- पिता

हाँ परिवार का गौरव माँ से है

पर पापा परिवार के अस्तित्व है ये भूल जाना सही है?

कभी जताते नहीं वो

पर सब का अस्तित्व उन्ही से है..

दो वक्त भोजन पकाने वाली माँ की सराहना करना

और उसकी व्यवस्था करने वाले पिता को भूल जाना क्या सही है??

हाँ ठोकर और चोट लगने पे माँ ही मुँह से निकलता है

पर ज़ब कभी कोई कार पास आकर ब्रेक लगाए

तो 'बाप रे' यही मुँह से निकलता है...

क्यूंकि छोटे छोटे मुसीबत पर माँ

पर बड़ी मुसीबतो में याद आते वही है...

हर वक्त साथ ना रहके भी साथ रहने वाले वही है...!!!

#Happyfathersday ❤️ :- Pragya Priya