आदमी पेड़ से कुछ सीखें तो ,
बस यही कि ,
सब-कुछ खोकर भी ,
है डटे रहना ।
धैर्य से है ,
सब -कुछ सहना ।
छाया देकर ,
धूप में रहना ।
फल देना,
पर स्वयं ना चखना ।
दूसरों के लिए ,
हमें है जीना ।
बस यही है ,
वृक्ष का कहना ।

Pragati Dutt