रात के रास्ते में , चांद कर , देता उजाला । रात हो , कितनी भी गहरी । हो अंधेरा , कितना भी काला । चांद ने , ख़ुद आकर हमेशा । रात में , भर दिया उजाला । इनका रिश्ता , अटूट गहरा । प्रेम इनका , सबसे न्यारा । श्रीमती प्रगति दत्त अलीगढ़ उत्तर प्रदेश