ये रौशनी की जिल्द में अंधेरी बस्तियाँ......'s image
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ये रौशनी की जिल्द में अंधेरी बस्तियाँ......


अपनी उमर-ओ-आरज़ू सब ही तमाम की,

चिलमम उठा के देखिए सूरत आवाम की।


ये वक्त के छाले फफोले तंग गलियों के,

बुनियाद है वतन के सारे तामछाम की।


गलियाँ गुज़र रहीं घरों के बीच से होकर,

ख़बरों में बेख़बर, ख़बर इनके

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