तुम पूरब मैं हूं पुरवाईं,  तुम दर्पण तुम ही परछाईं.'s image
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तुम पूरब मैं हूं पुरवाईं, तुम दर्पण तुम ही परछाईं.


'तुम्हीं चांदनी चाँद हो मेरा, तुम्हें समर्पित जीवन मेरा'



चाँद चौथ का डाले फेरा,

सजन नही वो कुछ भी मेरा,

तुम्हीं चांदनी चांद हो मेरा,

तुम्हें समर्पित जीवन मेरा।


भाल तिलक गरीमा घर की तुम,

तु्म्हीं दीप हो दीपशिखर तुम,

मैं पुस्तक परिचय तुम मेरा,

तुम्हें समर्पित जीवन मेरा।


तुम पूरब&

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