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तेरी ज़ुल्फ़ों की लटक आज भी छूती पलकें.


'तेरी आँखों की चमक दिल में चली आती है'




तेरी आंखों की चमक दिल में चली आती है

सांझ में तेरी महक छिपके बसी जाती है।


तेरी ज़ुल्फ़ों की लटक आज भी छूती पलकें,

टूटी शाखों  पे  कई  फूल  खिला जाती है।


ते

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