
"तेरी गज़लों में फ़ाकों की कहानी याद आती है"
वो मीलों दूर चलने की कहानी याद आती है,
सुबह से शाम तक कोई कहानी याद आती है।
वो कूड़ा बीनते बच्चे ओ उन पे तफ़सरा तेरा,
तेरी गज़लों में फ़ाकों की कहानी याद आती है।
तेरी उन सुर्ख़ आँखों से छलकते
Read More! Earn More! Learn More!
