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'सुना है रोशनी की जंग अंंधियारे से लाज़िम है'

Pradeep Seth सलिलPradeep Seth सलिल October 23, 2022
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"दिवाली रोशनी लाई अंधेरे की मुंडेरों से"



दिवाली रोशनी लाई  अंधेरे की मुंडेरों से,

किसी छोटू किसी रामू के कच्चे घर बसेरों से।


के बिजली टूट के गिरती किसी छप्पर के सपने पर,

किसी की आँख में खुशियाँ किसी के थकते पैरों से।


ये मिट्टी के दिए  

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