'हे प्रभु वरदान दे दो'.
हे प्रभु वरदान दे दो,
मनुज हो सुख-धार
जग सुख के लिए,
सुख दान दे दो
प्राणियों को,
हे प्रभु वरदान दे दो।
मुक्त कर दो जग दुखों से
और सबको ज्ञान दे दो
स्नेह-सुर को गान दे दो,
सबका जीवन व्यर्थ न हो
हर्ष की गंगा बहाऐं
बन्धुत्व का विज्ञान दे दो,
हे प्रभु वरदान दे दो।
शांत जीवन जग को
जन को,
हम निरीह अनजान दे दो,
संबंध हों सम दीप तम जग का मिटाएं,
हर गली घर झोंपड़ी में प्रीत की फसलें उगाऐं
पृथ्वी को सम्मान दे दो
हे प्रभु वरदान दे दो।
---प्रदीप सेठ "सलिल"

