नई सदी ने लील लिए हैं मन के कोमल भाव.'s image
716K

नई सदी ने लील लिए हैं मन के कोमल भाव.

मधुर वेदना चंचल आंसू 

सुन्दर सुन्दर याद,

कब तक लिखूं विरह पुस्तक में

बोलो यह संवाद।


आशा का मखमली दुशाला ओढ़ रहा मन मीत,

निष्ठुर रूठी रही भावना

अपना अपना भाग।


चेहरे पर छ्प गयी उदासी अंकित भय के चिन्ह,

आंखों में पल रह

Read More! Earn More! Learn More!