कुछ भुजाओं सा बनें और कुछ बने आधार,

इस तरह भूगोल को दें त्रिभुज का आकार,

बांध लें ब्राह्माण्ड को चाहें किसी वृत में

पर सरल रेखा सा हो हर व्यक्ति का व्यवहार।

--प्रदीप सेठ "सलिल"