'ठण्डी हवाऐं गा रहीं हैं गीत शाम से'



किसके लिए शबनम गिरी है आसमान से

ठण्डी हवाऐं गा रहीं हैं गीत शाम से,

कोई  सदा  सुदूर  की  वादी  से आ  रही

मुझको पुकारा  है  किसी ने  मेरे नाम से।


--प्रदीप सेठ “सलिल”