
मेरी परेशान उम्मीदों को ज़ुबां दे जाओ,
चांद चमका है मेरे चाँद के तुम आ जाओ,
छेड़ती है मुझे रह रह के ये ठन्डी सी हवा
दिल में एक आग सी लगती है के तुम आ जाओ।
तेरी ज़ुल्फ़ों से महक आज भी आती है मुझे,
तेरी नज़रों की चमक दिल को दुखा जाती है,
तेरी बाहों में सिमटना किसी तितली की तरह
ज़िन्दगी आज भी बाहों में कसा चाहती है।
मेरे सपनों के मेरे दिल के हंसी राजकुंवर
मेरा आंचल तुम्हें पाने को तरसता है कभी
मेरे अरमान की यमुना पे बसा ताजमहल
तेरे दीदार की पूनम को तरसता है कभी।
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