दीपक करता दो व्यवहार  उजले काले दो संंसार.'s image
708K

दीपक करता दो व्यवहार उजले काले दो संंसार.


"चौखट रोई सारी रात"


जेठ महिना   सिर  पे  ताप  

भूख व चिन्ता का अवसाद,

व्याकुल है श्रम व्याकुल गान  

हर पाखी  हर नीड़  विषाद। 


छेड़के   जीवन  का   संगीत  

वीणा का स्वर  स्वम् है  मौन,

तार की गाथा  तार की पीड़ा

गीत  की जड़ता  जाने कौन।


तम  की  कारा  जग  है  क़ैद   

स्वार्थ-समुन्दर   का  विस्तार,

दीपक   करता   दो  व्यवहार   

उजले   काले   दो   संसार।


छल है टी.वी  छल  के  खेल    

मन   का   रोना   अंतर्ध्यान

लम्बी डगर है    ध

Read More! Earn More! Learn More!