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परत


कल शाम जबचंद्रमा की ठंडी धूपपृथ्वी की परत को सफेदचादर से ढक लिए होती थी,तो मौसम की झुरमुट से जुगनुओंकी एक विशाल सेना की रोशनीकिए वातावरण को सुसज्जित करती थी,

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