किताबों से मोहब्बतकर लेने सेउन जिंदगियों से भीरूबरू हों जाते हैं,जिन्हे कभी आंख भरदेखें नही होते हैं,,
किताबों से मोहब्बतकर लेने से
उन जिंदगियों से भीरूबरू हों जाते हैं,
जिन्हे कभी आंख भरदेखें नही होते हैं,,