कितना हास्यप्रद होता हैकि चाह के चाहत कोबताते नहीं,हर वक्त ख्यालों मेंबस जीते है,वो अगर समझ लेतेमेरे चुप होठों के पीछेकी उदासी तो ऐसेहम होते नहीं,