Poetry 1 min read 381.6K reads

ग्रन्थ


वो नदिया की धार सी हैजो मिले तो संगम सा हो जाऊ

वो सावन की पहली बारिश मिलेतो मै उपवन हो जाऊ,

लिखी है लाखो कहानियांवो मिले तो मै ग्रंथ हो जाऊ ,,

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