व्यक्ति का चित्त ही उसके विश्वास कीपहली कड़ी होती है,हम अक्सर गलत और सही के बीच उलझे रहते हैजबकि वास्तविकता उससे परे होती है,
व्यक्ति का चित्त ही उसके विश्वास कीपहली कड़ी होती है,
हम अक्सर गलत और सही के बीच उलझे रहते हैजबकि वास्तविकता उससे परे होती है,