उड़ान

खोल दे पंख अपने ,

उड़ान भर अब और भी ऊंची !

दे रंग अपने सपनो को ,

चाहत जिनकी तुमने सोची !


वक़्त कम ,लम्बा सफर

पग न बांध अब छोटी !

रख ध्यान हर क़दम ,

हार न बने अब कच्ची गोटी !


सफलता का कोई सार नहीं ,

मेहनत से जगमग जीवन ज्योति !


प्रदीप कुमार वर्मा