शुभकामनाएं


वर्ष के अंत में ,

शीत में बसंत में ,

विहंगम प्रिय आकाश से ,

शुभ्र शेखर प्रकाश से ,

प्रीति प्रेम धरोहर लेकर ,

शांत सलिल सरोवर लेकर ,

कुसुमित बाग़ भ्रमित भ्रमर ,

यह संदेशा भेज रहा,

आप सभी की दिव्यता रहे ,

ध्येय एक सरलता रहे !

ख़ुशी सारे जग की ,

साथ आपके सदा रहे !


~प्रदीप कुमार वर्मा