किसान की मेहनत
हरियाली बनकर छाई है ,
लहलहाती फसल देख ,
आज उम्मीदे भी मुस्कुराई है !
बीज जो आशा का बोया था
आज फसल बन लहलहाई है ,
आज फिर वो मुस्कुराया ,
संग चली पुरवाई है !
अन्नदाता का मेहनत
पुरे संसार का पेट भरेगा ,
यह सत्य विश्वास
जग को बतलाई है !!
किसान की मेहनत
हरियाली बनकर छाई है ,
लहलहाती फसल देख ,
आज उम्मीदे भी मुस्कुराई है !
बीज जो आशा का बोया था
आज फसल बन लहलहाई है ,
आज फिर वो मुस्कुराया ,
संग चली पुरवाई है !
अन्नदाता का मेहनत
पुरे संसार का पेट भरेगा ,
यह सत्य विश्वास
जग को बतलाई है !!