क्यों है निराश मत छोड़ आश, तू धैर्य यूँ ही क्यों खोता है

कर तू प्रयास निश्चय के साथ, यूँ किस्मत पर क्यों रोता है

तू है अनंत तू है स्वतंत्र, किस भय ने तुझको रोका है

ये तो तुमने सुना ही होगा, करने से ही होता है


कर दृढ़ निश्चय तू निकल आज, मेहनत ही सफलता का है राज

तू उठा कदम तू बढ़ा कदम, बस आगे बढ़ एक-एक कदम

यह मौका है कुछ करने का, किस बात ने तुझको रोका है

ये तो तुमने सुना ही होगा, करने से ही होता है


कुछ ना करने से बेहतर है, कुछ काम नए हर रोज़ करो

सीखो कुछ-कुछ हर अनुभव से, इसमें जीवन की खोज करो

गिरकर उठना उठकर चलना, लक्ष्य साध्य तब होता है

ये तो तुमने सुना ही होगा, करने से ही होता है


काम किए बिन कुछ नहीं मिलता, ना ही सफ़लता ना विफलता

गले लगाओ हर अनुभव को, मिले सफलता चाहे विफलता

कर्म करे जो दृढ़ निश्चय से, सदा सफ़ल वही होता ह

ये तो पक्की बात है प्यारे, करने से ही होता हैै