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नारी तुम हो मेरे जैसी

Prachita NandiniPrachita Nandini December 5, 2021
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नारी तुम हो मेरे जैसी,

और मैं तेरी प्रतिरूप हूँ,

तुम चंचल चपल इठलाती लहर सी,

मैं श्वेत शांत समुंद्र हूँ,

तुम काली तो मैं दुर्गा,

तुम चंडी तो मैं ज्वाला,

तुम देवी हो, मैं देवी हूँ,

संज्ञा भिन्न अर्थ एक है

बस कुछ शब्दों की ये माया।

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