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*बेचता हूँ*


जी हाँ मैं इश्क की दवा बेचता हूँ ।समुंदर भी सुखादे वो हवा बेचता हूँ ।अगर मिल जाए कोई खरीददार ऐसा ,हुस्न को पिघलादे वो तवा बेचता हूँ ।।

स्वरचित

— *प्रभु*
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