माँ's image

प्रेम के सागर में अमृत रूपी गागर है 

माँ मेरे सपनों की सच्ची सौदागर है 

भूल कर अपनी सारी खुशियां 

हमको मुस्कुराहट भरा समंदर दे जाती है 

अगर ईश्वर कहीं है ,उसे देखा कहाँ किसने 

माँ धरा पर तो तू ही ,ईश्वर का रूप है 

हमारी आँखों के अंशु ,अपनी आँखों में समा लेती है 

अपने ओंठों की हंसी हम पर लुटा देती है 

हमारी ख़ुशी में खुश हो जाती है 

दुःख में हमारे आंसू बहाती है 

Read More! Earn More! Learn More!