
जीवन में बुलन्दियों को छूना है अगर
कुछ कर दिखाने का दिल में,जुनून होना चाहिए
दामन को रखिए दूर ,दलदलों से पाप की
शालीनता और स्वच्छता को ,जीवन में होना चाहिए ||
अधिकार गर समान सभी के लिये नहीं
अब ऐसी व्यवस्था में,बदलाव होना चाहिए
पीढ़ी है दिग्भ्रमित ,यहाँ निर्णय हैं खोखले
अब शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए ||
अज्ञान वश ही आज तक ,हम आपस में लड़े हैं
अब शिक्षित ,सुयोग्य समाज होना चाहिए
है जज्बा और जुनूँ ,ल
Read More! Earn More! Learn More!
