रंजिसों में रंजिसे लिये बैठा हूँ,
अभी मुझसे बात मत करो -2
मै पीये बैठा हूँ,
और ये शाम जो अब बन रही रात है
और ये शाम जो अब बन रही रात है,
ये ही देखने के लिये तो मैं बैठा हूँ
कि किस शाम में तुम मेरे साथ बैठोगी
कोई एक तारा टूटते हुये देखोगी,
हर शाम मैं ये ख्वाब लिये बैठा हूँ,
अभी मुझसे बात मत करो
मैं पीये बैठा हूँ।।

