तेरे दिये हुए सारे गुलाब के फूल काले पड़ गये।।
एक अरसे बाद आया उसके शहर मै,
देखा, सबके दरवाजों पे ताले पड़ गये।।
और सुनो,
मायूसी, नम आँखें, उदास चेहरा, थका बदन, बिखरे बाल,
होटों पे खामोशी लिए में लौट रहा था, घर की और
आसमान में सारे सफ़ेद बादल अचानक काले पड़ गये।।

