तुम चाहत तो रखती सती सी
तुम चाहत तो रखती सती सी,
मुझे पाने की,
मै हर रूप में तुम्हें शिव होकर दिखाता।।
और अगर होता सब्र तुम में मेरा जितना
और अगर होता सब्र तुम में मेरा जितना,
तो बताता मै तुम्हें कि,
किसी का होकर भी ना होना
क्या होता है।।
तुम चाहत तो रखती सती सी
मुझे पाने की,
मैं हर रूप में तुम्हें शिव होकर दिखाता।।

