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कविता


वो सभ्य हैंउन्हें पसंद नहींअसभ्य ,जंगली , देहातीआदमी या जानवर ;इन्हें सभ्य बनाने का बीड़ा उठाएवो उजाड़ देते हैंइनको जड़ - मूल से ।

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