मेरी जिंदगी पर जो तेरा अख्तियार होता,शादाब होती फिजाएं बाबस्ता जहन में करार होता,मेरी शब सहर होती जो तेरी बाहों के दरमियान,हम खुशी से मर जाते जो हर पल तेरा दीदार होता
मेरी जिंदगी पर जो तेरा अख्तियार होता,
शादाब होती फिजाएं बाबस्ता जहन में करार होता,मेरी शब सहर होती जो तेरी बाहों के दरमियान,हम खुशी से मर जाते जो हर पल तेरा दीदार होता