जिन जज़्बातों का कलाम उन्हें खुदी से बैगेरत गुजरे,लो आज उन्हें आग में धुआं करते हैं,जो सोहबत उन्हें इस कदर ना शुक्रगुजार गुजरे,आज हम उन्हें ताउम्र को रिहा करते हैं..
जिन जज़्बातों का कलाम उन्हें खुदी से बैगेरत गुजरे,लो आज उन्हें आग में धुआं करते हैं,
जो सोहबत उन्हें इस कदर ना शुक्रगुजार गुजरे,आज हम उन्हें ताउम्र को रिहा करते हैं..