तेरी नजरों के जब तक उजाले रहेंगे,
मेरी जां जहां में दिवाली रहेगी,
तेरे केशों की लहरें जब जब उड़ेंगी,
पूनम की रातें भी काली रहेंगी

तेरी पाकीजा रूह जब तक होगी जमीं पर,
जन्नत को चौखट भी खाली रहेगी,
गर्विदा तेरे इश्क में हुए जा रहे है,
हथेली मेरी फिर क्या खाली रहेगी