तुम अपरिचित, अनजान से क्यूं लगते हो,
ईमानदार हो पर बेइमान से क्यूं लगते हो,
एक अरसा हुआ साथ जीते हुए,
साथ होकर भी गुमनाम से क्यूं लगते हो..


तुम अपरिचित, अनजान से क्यूं लगते हो,
ईमानदार हो पर बेइमान से क्यूं लगते हो,
एक अरसा हुआ साथ जीते हुए,
साथ होकर भी गुमनाम से क्यूं लगते हो..