जिंदगी किस्सों भरी किताब 
कुछ इसमें गम के हिस्से हैं
और कुछ खुशी के पल भी 
आखिरी पन्ने कोरे भी हैं 
 नए सपने लिखने को 
                          -  पूनम बर्त्वाल