"फादर" ( पापा) होना मुश्किल नहीं
पर शायद "इंडियन फादर" ( हिंदुस्तानी पापा) होना मुश्किल है।
और बेटी का पाप होना मानों जंग लडना हो
समाज से,
खुद से,
क्योंकि जो उन्हें परवरिश मिली है, जो उन्हें सिखाया है
उस सीख मैं -
बेटियां जींस नहीं पहनती, बाल छोटे नहीं रखती, लड़के दोस्त नहीं बनाती, दस लोगों के सामने अपने विचार नहीं रखती।
पर बेटी तो ये सब करना चाहती है
और एक जिम्मेदार पिता होने के कारण वो ये करने नहीं दे सकता।
क्योंकि लोग क्या कहेंगे? अच्छा पिता नहीं हूं मैं ? समाज में रहने के लायक नहीं हूं मैं?
मुझे माफ करना बेटी
ये अब करना तू,आज़द होके उड़ना तू, जींस, छोटे बाल सब रखना तू ,
पर ये सब शादी के बाद करना तू।
#poojay
