तू बिछड़ कर तो देख,

मुझसे कभी न अलग हो पायेगा।

कहाँ तक भागेगा मेरे नाम से,

हर महफ़िल में मेरा नाम तेरे साथ जोड़ा जायेगा।

चल इन्हें तो चुप भी कराले तू,

पर जिस धड़कन में बसती थी में उसे कैसे रोक पायेगा।

तू गर धड़कनो को तवज्जो न देगा,

तो यादों का वो हसीं पिटारा खुल जायेगा।

भुला भी दी गर यादें तूने,

तो बजता हर गीत हमारे अफ़साने गुनगुनायेगा।

तू जहाँ जाना चाहे जा,

हर रास्ता तुझे मुझ तक लेकर आयेगा।