कर रही है हकीकत हर तस्वीर बयाँ,

कर हवाले कमबख्तों के देश वो गया।

कोई न सुन सका, जो कहना चाहती थी

हवाईजहाजों से फिसलती ज़िन्दगियाँ।।

------ पूजा वशिष्ठ