गुलशन - गुलशन एक समां,

प्यारी - प्यारी वो बातें,

वो इक बादल तन्हा - सा,

वो जो बारिश की बूँदे भी,

इक एहसास भर देती है, मन में,

मोहब्बत का वो इक आख़िरी पल,

रोशन तारो के जगमग - सा,

दीपो का इक ख़्वाब नया - सा,

मेरे दिल के अरमानों जैसा,

हवाओं का वो इक नया रुख,

सूरज की चमकती किरणों - सा,

गृह जो घर भी कहलाते है,

उस घर में आँचल सुनहरा - सा,

उस आँचल के रंगों का शबाब,

नशीले दिल के पैमाने - सा,

उस पैमाने में इक राज़,

उस राज़ का वो पहलु भी अनदेखा,

अनदेखा वो एक समां,

गुलशन - गुलशन एक समां,

गुलशन - गुलशन एक समां,

पूजा सैनी