ची - ची - ची, ची - ची - ची,
आसमां में उड़ते पक्षी,
जैसे चलती पेड़ो की हवा,
मन क्यों ऐसे राग है गाता,
बीता समय वापस नहीं आता,
ची - ची - ची, ची - ची - ची,
पानी में जो तैरती मछली,
जैसे बुलबुलो की आवाज़,
दिल ना भूले पुरानी याद,
कभी ख़ुशी, कभी ग़म के राज़,
ची - ची -ची, ची - ची -ची,
धरती पर जो रहते जीव,
अलग - अलग तरीको से,
प्रकृति की शोभा बढ़ाते,
धरती को सबसे सुन्दर बनाते,
ची - ची - ची, ची - ची - ची,
पूजा सैनी


