अभी वक़्त बहुत कम है,
जीने है, हमें जीवन के सारे लम्हें,
खुशियों के वो प्यार भरे लम्हें,
गमों के वो दर्द भरे लम्हें,
और, ऐसे ही कितने श्रृंगार भरे लम्हें,
दिल को दे जो इक संतोष,
बाकी रहे न वो, परियों वाली,
दादी की एक कहानी,
वो इक सैर शाम की,
वो इक झौंका हवा का,
वो प्यार मेरे बाबा का,
बाकी रहें ना वो, समय की रवानी,
वो ममता भारी चिंता माँ की,
वो स्नेह हमारे लिए,
वो रातो की प्यारी लोरी,
बांकी रहें न वो, यादें समां की,
पापा जो लाते वो तोहफ़े,
अच्छा करने पर, जो गर्व हो हमपर,
बांकी रहें न वो -
संतान के प्रति अनमोल प्रेम,
आंखों में वो बसी एक तस्वीर,
जीवन भर जो दे मेरा साथ,
बांटे वो मुझसे अपने राज़,
बांकी न रह जाए फिर वो,
रिश्तों का इक नया मोड़,
कहता है, मेरे अंदर का इंसान,
जी लो जीवन के सारे लम्हें,
खुशियों के वो प्यार भरे लम्हें,
गमों के वो दर्द भरे लम्हें, और,
ऐसे की कितने श्रृंगार भरे लम्हें,
क्योंकि, अभी वक़्त बहुत कम है,
अभी वक़्त बहुत कम है,
पूजा सैनी


