इश्क़ हैं तुमसे....कितना ये तो पता नहीं,

बस कहना हैं तुमसे इतना कि,

मेरे हर मर्ज़-ए-जख्म का ईलाज़ तुम हो,

मेरे निगाहों की आखिरी तलाश तुम हो,

मेरे धड़कनों की आवाज तुम हो,

मेरे साँसों की प्यास तुम हो,

मेरे खुशनूमा चेहरे का नूर तुम हो,

बढ़ जाती धड़कनें जिन बातों से वो फ़ितूर तुम हो,

मुझमें हर दफ़ा खाली-सा कुछ है, वो जगह तुम हो,

मेरे हर आँसूओं की वजह तुम हो,

इश्क़ हैं तुमसे....बस मेरा इश्क़ तुम हो_!!!

:-Pooj@