चलो आज करे सलाम उनको

जो सलामत रख रहे हैं हमको

अंधेरे में उम्मीद की किरण है वह

इस मुसीबत की घड़ी में आशा है वह


पत्थर से नहीं हाथ जोड़कर अभिनंदन करो उनका

क्योंकि कल की सुबह का सूरज है


इंसान के लिए उसका परिवार उसकी दुनिया होती है लेकिन जो दुनिया को अपना परिवार बनाए वह फरिश्ते होते हैं


आज हम सुरक्षित हैं

क्योंकि वह खड़े हैं हमारे लिए

आज हमारे हौसले बुलंद है

क्योंकि हमारा हौसला बनकर खड़े हैं वह

आज हम जीवित हैं

क्योंकि हमारी जान के लिए लड़ रहे हैं वह