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उठो अब


उठो रात है, चलो काम है।बैठो मत अब, चलते जाओ।है अंधेरा, रोशनी फैलाओसूरज को करने दो आराम।बनो हवा अब, बहते जाओपेड़ों को करने तो आराम।बनो मनुष्य अब, मानवता फैलाओसोते लोगों को जगाओ, खुश रहोखुशियां फैलाओ।

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