अपनी साँसें भी जब अजनबी सी लगने लगे।दूसरों के लिए ज़िन्दगी का रास्ता बनाया कीजिये।।हर शय यहाँ जुदा है हर बेखबर ख्याल पराया,चाहत को इतने गहरे समंदर में न उतारा कीजिये !
अपनी साँसें भी जब अजनबी सी लगने लगे।दूसरों के लिए ज़िन्दगी का रास्ता बनाया कीजिये।।
हर शय यहाँ जुदा है हर बेखबर ख्याल पराया,चाहत को इतने गहरे समंदर में न उतारा कीजिये !