हो सके तो तुम , माफ करना मुझे,,कि प्यार तुमको मै , दे न सका !!मन की बाते मन में रह गयी सब,कुछ ले न सका, कुछ दे न सका!!तुम थी दाएं, और मैं बाएं सनम ,कोण बनकर हमारा, बन न सका !!तुम हो गर तो सब कुछ हूँ मैं,तुम नही , तो कुछ नही हूँ मैं ,,खुली आँखों से प्यार करतें हैं सब,बंद आँखो पर , प्यार करना मुझे!!मजबूर बहुत, कमजोर था मैं,जहर पी न सका, वार सह न सका!!हो सके तो तुम माफ करना मुझे,कि प्यार तुमको मै, दे न सका!! रात ही रात में लुट गया सब,अपना , पराया बदल गया सब!काले पर्दों में, जो खेल था रचा,परदो की गवाही से दिख गया सब!!निकल जाऐगा वक्त , रहेंगे सिर्फ निशां,गुरूर किसी का, टिक न सका!दिल की बात, लफ्जो में कह दूँ गर,तेरे संग मे सदा , रहना है मुझे!!इश्क हमारा शाश्वत है सनम ,मरकर भी जो कभी मर न सका!!हो सके तो तुम माफ करना मुझे,कि प्यार तुमको मै, दे न सका!!