न देखो....'s image

यूँ उल्फत भरी निग़ाहों से शाम की लाली को न देखो

आगे स्याह रात है बेफ़िज़ूल के ख्वाब न देखो


तुमने खता की है तक़दीर पे इल्ज़ाम कैसा

अब बस सजा को देखो मुआफी की ओर न देखो

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